राजस्थान के डिस्ट्रीब्यूटर बोले- विवाद सुलझने तक नहीं होगा पद्मावती फिल्म का प्रदर्शन

 राजस्थान के डिस्ट्रीब्यूटर बोले- विवाद सुलझने तक नहीं होगा पद्मावती फिल्म का प्रदर्शन
मूवी-पद्मावती को लेकर राजस्थान के पूर्व राजघराने एक साथ विरोध में उतर आए हैं. पूर्व राजघरानों का आरोप है कि फिल्म में रानी पद्मावती को गलत तरीके से पेश किया गया है. उधर, राजपूत करणी सेना ने सिनेमा हॉल मालिकों को लेटर लिखकर पद्मावती का प्रदर्शन नहीं करने को कहा है. 


राजस्थान के मूवी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने तय किया है कि जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता, तब तक पद्मावती का प्रदर्शन नहीं होगा. पूर्व राजघरानों का ये भी कहना है कि जौहर को ड्रीम सीक्वल बताकर लव कहना कतई सही नहीं है. अगर किसी फिल्म में नरेंद्र मोदी के गलत फैक्ट्स दिखाए जाएं तो क्या सेंसर बोर्ड इसे पास करेगा?

इस मामले को लेकर बुधवार को पूर्व राजपरिवार की पद्मिनीदेवी और विधायक दिया कुमारी ने सिटी पैलेस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वादे के अनुसार भंसाली इस फिल्म को रिलीज करने से पहले हमें दिखाते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है तो हमें राजस्थान में इसका प्रदर्शन नहीं होने देंगे.
दीया कुमारी ने कहा कि चित्तौड़ की महारानी पद्मावती और उनके साथ जौहर करने वाली 16 हजार वीर महिलाएं शौर्य और साहस का प्रतीक है. ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की कोई भी प्रयास उनका अपमान होगा.

वहीं इस मामले में धरोहर बचाओ समिति के संरक्षक भारत शर्मा ने बताया कि मूवी में तथ्यों से छेड़छाड़ हुई तो प्रदर्शन किया जाएगा. फिल्म प्रोड्यूसर को फैक्ट्स से छेड़छाड़ की आजादी नहीं है.

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि मूवी में यदि रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के साथ वाले स्वप्न दृश्य (ड्रीम सीक्वेंस) को दिखाया जाएगा तो इसे राजस्थान में रिलीज होने की परमिशन नहीं दी जाएगी. रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी का साथ वाला हर सीन फिल्म से हटा दिया जाना चाहिए. 12 नवंबर को गुजरात के गांधीनगर में करीब 1 लाख लोग इकट्ठा होकर सरकार के सामने विरोध रखेंगे. बता दें कि ‘पद्मावती’ मूवी एक दिसंबर 2017 को रिलीज होगी.



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