ट्रम्प ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित की, कई देशों ने किया विरोध

 ट्रम्प ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित की, कई देशों ने किया विरोध
यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विरोधों को नजरअंदाज करते हुए बुधवार देर रात येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित कर दिया. ट्रम्प ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस निर्णय का ऐलान किया. 


उन्होंने कहा कि यूएस अपनी एम्बेसी तेल अवीव से इस पवित्र सिटी में ले जाएगा. अमेरिका हमेशा से दुनिया में शांति का पक्षधर रहा है और आगे भी रहेगा. बॉर्डर मसले में हमारी कोई भूमिका नहीं होगी. बता दें कि यूएस हमेशा से येरूशलम को पवित्र जगह मानता रहा है. 1948 में यूएस प्रेसिडेंट हैरी ट्रूमैन पहले वर्ल्ड लीडर थे, जिन्होंने इजरायल को मान्यता दी थी.

वहीं, अब ट्रम्प के इस निर्णय से पहले ही अरब देशों में इसके विरोध में प्रदर्शन आरंभ हो गए. तुर्की, सीरिया, मिस्र, सऊदी अरब, जोर्डन, ईरान समेत दस गल्फ देशों ने इस पर अमेरिका को वॉर्निंग दी है. 

चीन, रूस, जर्मनी आदि देशों ने कहा कि इससे तनाव बढ़ेगा. इस बीच यूएस ने अपने सिटिजंस को इजरायल की जाने से बचने की सलाह दी है.

बता दें कि इजरायल पूरे येरूशलम को राजधानी बताता है, जबकि फिलिस्तीनी पूर्वी येरूशलम को अपनी राजधानी बताते हैं. इस इलाके को इजरायल ने 1967 में कब्जे में ले लिया था. यहां यहूदी, मुस्लिम और ईसाई तीनों धर्मों के पवित्र स्थल हैं. यहां स्थित टेंपल माउंट जहां यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल है, वहीं अल-अक्सा मस्जिद को मुसलमान पाक मानते हैं.

वहीं, यूएन और दुनिया के अधिकतर देश पूरे येरूशलम पर इजरायल के दावे को मान्यता नहीं देते. 1948 में इजरायल ने आजादी की घोषणा की थी. यहां किसी भी देश की एम्बेसी नहीं है. 86 देशों की एम्बेसी तेल अवीव में हैं.



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