Movie Review: इंदु सरकार

Movie Review: इंदु सरकार
प्रोड्यूसर : मधुर भंडारकर, भरत शाह
डायरेक्टर : मधुर भंडारकर
स्टार कास्ट : कीर्तिकुल्हारी , तोता रॉय चौधरी, नील नितिन मुकेश, अनुपम खेर, सुप्रिया विनोद
म्यूजिक डायरेक्टर : अनु मलिक
रेटिंग ****


आपातकाल वो दौर था जब सत्ता ने आम आदमी की आवाज को कुचलने की सबसे निरंकुश कोशिश की. सरकार तय करती थी. अखबार में क्या छपना है. रेडियो में कौन सा गाना बजना है. कैसे बोलना है. क्या गाना है. कौन सी कविता लिखनी है. सबकुछ. मधुर ने 1975 से 1977 तक इमरजेंसी के उस दौर को इतनी सजीवता से उभारा है जिसे देखकर वाकई लगता है उस वक्त सरकार की निर्दयता का किस कदर लोगों ने सामना किया होगा.

कहानी
यह कहानी इमरजेंसी के दौर की है, जब भारत में हाहाकार मचा हुआ था. उसी पल हकलाते हुए बात करने वाली लड़की इंदु (कीर्ति कुल्हारी) की शादी सरकारी अफसर नवीन सरकार (तोता रॉय चौधरी) से हो जाती है और वो इंदु सरकार कहलाने लगती है. इमरजेंसी में लोगों का दर्द इंदु को दुखी करता है. वहीं नवीन को सरकार का काम अच्छा लगता है. इस वजह से इंदु और नवीन में बनती नहीं है और वे अलग हो जाते हैं. इंदु उस समय के कुछ संगठनों के साथ जुड़कर सरकार की योजनाओं के विरोध में काम करने लगती है. वह नाना (अनुपम खेर) की टीम के साथ काम करने लगती है. कहानी में कई मोड़ आते हैं और जब इमरजेंसी ख़त्म होती है तो सबकुछ बदला-बदला सा होता है.

फिल्म का म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक ठीक-ठाक है और बैकग्राउंड स्कोर आपको कहानी के साथ-साथ ले जाता है। गानों में 'चढ़ता सूरज' और 'ये आवाज है' बढ़िया हैं।

अगर फिल्म में एक्टिंग की बात करें तो, कीर्ति कुल्हारी की परफॉरमेंस कमाल की है, जिन्हें इसके पहले आपने फिल्म पिंक में देखा था. नील नितिन मुकेश भी सरप्राइज करते नजर आते हैं. अनुपम खेर का काम सहज है. वहीं तोता रॉय चौधरी के साथ-साथ सुप्रिया विनोद ने भी बढ़िया काम किया है.

फिल्म का डायरेक्शन बहुत ही उम्दा है. सिनेमैटोग्राफी, कैमरा वर्क और बैकग्राउंड कमाल का है. मधुर भंडारकर एक बार फिर 'पेज 3' , 'ट्रैफिक सिग्नल' और 'चांदनी बार' वाले जॉनर में दिखाई दे रहे हैं, जो कमाल की बात है. फिल्म की कहानी जबरदस्त है। साथ ही डायलॉग्स बेहतरीन हैं. हालांकि कहानी दर्शाने की रफ़्तार थोड़ी स्लो है, जिसे तेज किया जा सकता था. लेकिन कम बजट में मधुर ने बहुत ही उम्दा फिल्म बनाई है.

मधुर भंडारकर की फिल्में पसंद हैं, इमरजेंसी के दौर में क्या हुआ था? यह जानना चाहते हैं तो यह फिल्म आप मिस नहीं कर सकते.



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