खिचड़ी खाने के बेहतरीन फायदे, आपको जानना जरुरी है

 खिचड़ी खाने के बेहतरीन फायदे, आपको जानना जरुरी है
खिचड़ी का नाम सुनकर ज्यादातर लोग मुहं बना लेते हैं लेकिन अगर आप इसके फायदे जान लेंगे तो आज से ही इसे खाना शुरू कर देंगे। तो चलिए आपको बताते हैं खिचड़ी खाने से क्या फायदे होते हैं।


पोषण से भरी: खिचड़ी एक पौष्टिक भोजन है, जिसमें पोषक तत्वों का सही संतुलन होता है। चावल, दाल और घी का संयोजन आपको कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम प्रदान करता है। कई लोगों इसके पोषण मूल्य को बढ़ाने के लिए इसमें सब्जियां भी मिला देते हैं।

पचाने में आसान (सुपाच्य): खिचड़ी पेट और आंतों को स्मूथ बनाती है। सुपाच्य और हल्की होने की वजह से ही बीमारी में खिचड़ी खाने की सलाह दी जाती है। इसके सेवन से विषाक्त भी साफ होते हैं। नरम और पौष्टिक होने की वजह से यह बच्चों और बुजुर्ग दोनों के लिये बेहतर भोजन है।

तेल घी का नहीं होता ज्यादा इस्तेमाल: खिचड़ी एक ऐसा व्यंजन है जिसे बनाने में कम तेल का इस्तेमाल होता है। जिस वजह से ये आसानी से पच जाती है। यहां तक की बीमारी के बाद शरीर को मजबूती देने के लिए डॉक्टर इसे खाने की सलाह देते हैं। हल्का खाना होने की वजह से इसमें फैट की मात्रा भी कम होती है। इसके साथ ही इसे खाने से शरीर में आलस भी नहीं आता।

त्रिदोषिक आहार: खिचड़ी आयुर्वेदिक आहार का एक मुख्य भोजन है, क्योंकि इसमें तीन दोषों, वत्ता, पित्त और कफ को संतुलित करने की क्षमता होती है। यह क्षमता ही खिचड़ी को त्रिदोषिक आहार बनाती है। शरीर को शांत व डीटॉक्सीफाई करने के अलावा खिचड़ी की सामग्री में ऊर्जा, प्रतिरक्षा और पाचन में सुधार करने के लिए आवश्यक बुनियादी तत्वों का सही संतुलन होता है।

ग्लूटेन मुक्त आहार: ग्लूटेन अर्थात लस से परहेज कर रहे लोगों के लिये भी खिचड़ी एक बेहद फायदेमंद आहार विकल्प होती है। इसमें मौजूद दालों, सब्जियों व चावल में ग्लूटेन नहीं होता है और सभी लोग इसका निश्चिंत होकर सेवन कर सकते हैं।

धार्मिक महत्व: खिचड़ी बनने की परंपरा को भगवान शिव का अंश माने जाने वाले बाबा गोरखनाथ ने शुरू किया। माना जाता है कि खिलजी के आक्रमण के समय नाथ योगियों को संघर्ष के कारण भोजन बनाने का समय नहीं मिल पाता था। इससे योगी अक्सर भूखे रह जाते और कमज़ोर होते जा रहे थे। इस समस्या का समाधानबाबा गोरखनाथ ने दाल, चावल और सब्जी को एक साथ पका कर निकाला। यह व्यंजन काफी पौष्टिक और स्वादिष्ट था। इससे शरीर को तुरंत उर्जा मिलती। और फिर बाबा गोरखनाथ ने इस व्यंजन का नाम खिचड़ी रखा।

सब्जी का कर सकते हैं इस्तेमाल: वैसे तो खिचड़ी में दाल और चावल का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अगर आप इसे और लजीज बनाना चाहते हैं तो इसमें हरी सब्जियों डाल सकते हैं।



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