‘Avoid the Fast Food’ में छुपी हैं फ़ास्ट फ़ूड की खूबियाँ, डिंपल राज ने बनाया रॉकिंग-हैपनिंग

 ‘Avoid the Fast Food’ में छुपी हैं फ़ास्ट फ़ूड की खूबियाँ, डिंपल राज ने बनाया रॉकिंग-हैपनिंग
आजकल किसी भी चीज़ पर गाने बनते हैं और अपने यूनिक कांसेप्ट की वजह से हिट भी हो जाते हैं. मुद्दा कोई भी हो, बस सधे हुए सुर हों और कमाल की धुन हो...गाना सुपरहिट. रिसेंटली डिंपल राज ने रिकॉर्ड किया एक सन्देश से भरा लज़ीज़ गाना “अवॉयड दा फ़ास्ट फ़ूड”. इस गाने में फ़ास्ट फ़ूड से होने वाले नुक्सान के बारे में बताया गया है. 


फ़ास्ट फ़ूड सभी को पसंद होते हैं. लेकिन जो चीज़ें जितनी टेस्टी होती हैं उनके नुक्सान उतने ही ज़्यादा होते हैं. जहाँ पिज़्ज़ा जैसे अन्य फ़ास्ट फ़ूड सेहत को धीरे-धीरे बर्बाद करते हैं वहीँ ये जेब पर भी असर डालते हैं. 

गाने को बहुत ही बेहतरीन तरीके से लिखा गया है और इसका संगीत दिया है राज महाजन ने. राज महाजन ने इस बारे में बताया, “काफी वक्त से मैं फ़ास्ट फ़ूड को लेकर एक रिसर्च कर रहा था. मैंने बहुत देखा है बच्चे घर के खाने की जगह बाहर का ज़्यादा पसंद करते हैं. बहुत ही कम उम्र में फ़ास्ट फ़ूड का स्वाद उनकी जीभ पर चढ़ जाता है. जोकि पूर्णत: खतरनाक है इस तरह के गाने के पीछे यही उद्देश्य है कि बच्चों के साथ बड़ों को भी फ़ास्ट फ़ूड के नफा-नुक्सान के बारे में पता चले. लेकिन इसे गाने में ढालना एक चुनौती थी. पर चुनौतियों से लड़ने में ही तो आनंद आता है."  

गाने को अपनी आवाज़ से रॉकिंग-हैपनिंग बनाया है डिंपल राज ने. इस बारे में डिंपल राज ने कहा “मुझे बहुत मज़ा आया इस गाने को गाकर. मैंने इतना लज़ीज़ गाना पहले नहीं सुना. क्यूंकि मैं खुद भी फ़ास्ट फ़ूड नहीं खाती तो मैंने इसे दिल से निभाया. जो पौष्टिकता घर के खाने में होती है वो और कहीं नहीं होती. सिर्फ बच्चे ही नहीं आजकल तो बड़े भी खूब फ़ास्ट फ़ूड का इस्तेमाल करते हैं. खासतौर पर वीकेंड पर बाहर जाते हैं फ़ास्ट फ़ूड खाने. इस गाने में फ़ास्ट फ़ूड किस तरह नई पीढ़ी को खा रहा है इस बारे में बताया गया है.” 

डिंपल राज के बारे में संगीतकार राज महाजन ने कहा, “डिंपल राज की एक खूबी है कि उनकी आवाज़ हर तरह के गानों पर ढल जाती है. कमली यार दी की तरह अवॉयड दा फ़ास्ट फ़ूड में भी डिंपल राज की ही आवाज़ है. मुझे उम्मीद है ये गाना आपको बहुत पसंद आएगा.

“अवॉयड दा फ़ास्ट फ़ूड” में फ़ास्ट फ़ूड से होने वाले घातक असर के बारे में संगीतमय तरीके से बताया गया है. इससे न सिर्फ सेहत बल्कि देश की इकॉनोमी पर भी असर पड़ता है. 

एक वक्त था जब माँ के हाथों से बने परांठों के लिए बच्चे आपस में लड़ते थे. बच्चे आज भी लड़ते हैं लेकिन परांठों की जगह अब पिज़्ज़ा-बर्गर आ गये हैं. पैपी धुन और इन्फॉर्मेशनल शब्दों से सजे इस गाने को मोक्ष म्यूज़िक के तहत बहुत जल्द रिलीज़ किया जाएगा. राज महाजन और मोक्ष म्यूज़िक हमेशा ही कुछ नया और ऐसा करते हैं जिससे समाज का भला हो. तो इस बार पेश-ए-खिदमत है “अवॉयड दा फ़ास्ट फ़ूड”.



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