भामाशाह जयंती पर अ.भा.मा.वै. महासभा के भामाशाह जयंती प्रोग्राम में लॉन्च हो गया राज महाजन का भामा-गाथा

 भामाशाह जयंती पर अ.भा.मा.वै. महासभा के भामाशाह जयंती प्रोग्राम में लॉन्च हो गया राज महाजन का भामा-गाथा
28 जून, 2017, नई दिल्ली. भामाशाह जयंती के अवसर पर राज महाजन के 'भामा-गाथा' को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में अखिल भारतीय माहौर वैश्य महासभा के द्वारा विश्व-स्तर पर बड़ी धूम-धाम के साथ रिलीज़ कर दिया गया. इस सुअवसर पर दर्शकों से भरपूर सभागार में अखिल भारतीय माहौर वैश्य महासभा के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता द्वारा राज महाजन को संगीत के द्वारा वैश्य समुदाय में अतुल्य योगदान के लिए सम्मान दिया गया. राज महाजन के भाई गिरीश गुप्ता भी समारोह में हाज़िर रहे. मोक्ष म्यूजिक के मैनेजिंग डायरेक्टर संगीतकार राज महाजन के भतीजे बॉडी-बिल्डर जोकि लन्दन में हुए मिस्टर वर्ल्ड के प्रतियोगिता विजेता पारस गुप्ता को भी सम्मान दिया गया. इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी सांसद मिनाक्षी लेखी, प्रसिद्ध बीजेपी नेता श्याम जाजू और दिल्ली के कुछ निगम पार्षद भी उपलब्ध रहे.


भामा-गाथा म्यूजिक विडियो में महान दानवीर और राष्ट्रभक्त भामाशाह के बारे में बताया गया है. जब महाराणा प्रताप सिंह हल्दीघाटी का युद्ध अकबर से हारने के पश्चात जंगलों में चले गए थे और घास की रोटी खाने के लिए मजबूर थे. तब, पिता भारमल के पुत्र भामाशाह ने राष्ट्रहित के लिए महाराणा प्रताप को अपना सारा धन दान कर दिया. वो इतनी बड़ी धनराशी थी जो महाराणा प्रताप के लड़ाकों के लिए 12 वर्ष के निर्वाह के लिए पर्याप्त थी. इसके अलावा, राष्ट्रभक्त भामाशाह ने अपने 2 पुत्रों का भी बलिदान भी इस युद्ध में दे दिया था. दानी भामाशाह ने महाराणा प्रताप के साथ मुघलों के खिलाफ युद्ध में पूरा साथ दिया. और फिर महाराणा ने लड़ाई विजय करने के के बाद मेवाढ़ का बहुत बड़ा हिस्सा वापिस पाया.

‘भामा-गाथा’ का कांसेप्ट, डायरेक्शन, निर्माण, गीत और संगीत राज महाजन ने स्वयं किया है और स्वर दिए हैं गायक नितेश शर्मा ने. साथ ही इस गाने में प्रस्तुतिकर्ता हैं खुद राज महाजन. निर्माता-निर्देशक राज महाजन इस विडियो में फिर एक बार नए लुक में नज़र आयेंगे.

प्रोडूसर-डायरेक्टर राज महाजन ने बताया, “ज़्यादातर लोग महाराणा और हल्दीघाटी के युद्ध के बारे में तो जानते हैं, लेकिन बहुत ही कम लोग यह जानते हैं कि महाराणा के जीतने की वजह दानवीर भामाशाह थे, जिन्होंने देशहित की खातिर अपना सब-कुछ महाराणा प्रताप सिंह को अर्पण कर दिया था और लड़ाई में महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर साथ दिया था. गीत-संगीत एक अच्छा माध्यम है सन्देश देने का. इसलिए मैं ‘भामा-गाथा’ के माध्यम से जनता को भामाशाह जैसे दानवीर महापुरुष के त्याग के बारे में अवगत कराना चाहता हूँ.”

मोक्ष म्यूजिक कंपनी के बैनर तले ‘भामा-गाथा’ विश्व-स्तर पर पब्लिश हो चुका है. YouTube, DailyMotion, iTunes, Saavn, Gaana, hungama, Spotify, Deezer, Rhapsody, Soundcloud, Airtel, Vodafone, Idea इत्यादि डिजिटल स्टोर्स पर 256 देशों में यह गाना उपलब्ध हो चुका है.



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