आंखें नहीं एक्स-रे मशीन कहें

 आंखें नहीं एक्स-रे मशीन कहें
चिकित्सा विज्ञान इंसान के शरीर के अंदरूनी रहस्यों के बारे में जानने के लिए एक्स-रे मशीन का प्रयोग करता है. जिससे पहचान हो सके कि शरीर के अंदर कौन सी बीमारी है.


यदि कोई इंसान एक्स-रे मशीन की जगह केवल आंखों से ही देखकर पूरा हाल बता दें तो ये जानकर आपको कैसा लगेगा? आपको यह जानकर बेशक अचंभा हो, पर ये सच है.

रूस की नताशा डेमकिना को दुनिया कि जीती-जागती एक्स-रे मशीन के नाम से जाना जाता है. नताशा में एक ऐसी अद्भुत शक्ति है जिसके बारे सुनकर बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी अचंभित हो जाते हैं.

इनकी आंखे एक्स-रे मशीन की तरह काम करती है. जो किसी भी इंसान के अंदर के अंगों को देखकर उसकी बीमारी के बारे में पता लगा लेती हैं. नताशा की इस अद्भुत ताकत के विषय में जानने वाले वैज्ञानिक भी इनकी इस अद्भुत क्षमता के रहस्य को नहीं जान पाए हैं.

नताशा के बारे में कहा जाता है कि उसने जो कुछ भी अपनी आंखों से देखकर बताया है वो कभी गलत नहीं निकला है.

हालांकि, वो जो शरीर के अंदर की खराबी को देखने और उसको समझने में कुछ वक्त लगता है. मगर इसके बाद वह बीमारी को एकदम सही पहचानकर बता देती है.



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