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छतरपुर: समीर श्रीवास्तव और डिंपल राज के गानों पर जमकर नाचे लोग, राज महाजन ने किया शानदार मंच संचालन

गत हफ्ते छतरपुर के रॉयल एग्जीक्यूटिव क्लब में जमकर तालियों का दौर चला. एक कार्यक्रम के दौरान डिंपल राज और लक्की राज ने ऐसा माहौल बाँधा कि लोग बेकाबू होकर सारी रात नाचे. इस कार्यक्रम का आयोजन प्रसिद्ध कम्पनी ‘मोक्ष इवेंट्स’ ने किया. शाम 8 बजे से शुरू हुआ गानों का दौर रात लगभग 12 बजे तक चला. डिंपल राज और लक्की राज के गानों ने ऐसा समा बांधा कि लोग ‘वन्स मोर वन्स मोर’ कहते नज़र आये. बात करें लक्की राज की परफॉरमेंस की, तो उनका जलवा देखने लायक था. लक्की राज ने कई बेहतरीन गाने गाये. इसके अलावा ग़ज़ल गाकर भी उन्होंने अपनी अलग ही छाप छोड़ी. सबसे बेहतरीन रहा लक्की का गाया ‘लागा चुनरी में दाग’. इस गाने के बाद तालियों की गड़गड़ाहट काफी देर तक चलती रही. एक बार जो तालियाँ बजनी शुरू हुईं, तो काफी देर तक चलती रहीं. इसके बाद रश्क-ऐ-कमर ने तो कार्यक्रम में जैसे जान ही भर दी हो. इस गाने के बाद तो सुनने वाले वंस मोर वंस मोर कहने लगे. चाहने वालों की पसंद पर लक्की राज ने इस गाने को कई बार गाया. सच में लक्की राज की आवाज़ में गज़ब की कशिश है जो सुनने वालों को अपनी ओर खींचती है.
 
डिंपल गर्ल डिंपल राज की बात करें तो उन्होंने भी कई बेहतरीन गाने गाये. उनकी माइलस्टोन परफॉरमेंस देखने को मिली “गली में आज चाँद” गाने में. उनके गाये सभी गाने एक से बढ़कर एक रहे. इतना ही नहीं, डिंपल राज के साथ बाद में स्टेज संभाला समीर श्रीवास्तव ने. समीर श्रीवास्तव और डिंपल राज की जुगलबंदी कई गानों में शानदार लगी. ‘बेखुदी में सनम’ और ‘तेरे चेहरे में जादू है’ खासा चर्चा में रहे. समीर श्रीवास्तव के गाये गाने ‘सयोनी’ और ‘सोलह बरस की बाली उम्र’ ऑडियंस ने खूब पसंद किये.

‘तुम बिन लागे न जिया’ की सफलता से गदगद हूँ : सिंगर लक्की राज

मेरा पहला गाना...और वो भी इतना कामयाब. सोचा नहीं था...तुम बिन लागे न जिया को इतना सर-आँखों पर रखा जाएगा. यह कहना है गाने में अपनी आवाज़ देने वाले लक्की राज का. मोक्ष म्यूज़िक का सबसे चर्चित और कर्णप्रिय गाना आज सभी के दिलों पर अपनी छाप छोड़ रहा है. म्यूज़िक डायरेक्टर राज महाजन की पसंदीदा धुनों में से एक तुम बिन लागे न जिया रिलीज़ के बाद से ही ऑडियंस को खूब भा रहा है.

दिल्ली: डॉलीवुड टैलेंट क्लब लाया है संगीत प्रेमियों के लिए ‘गोल्डन मेम्बरशिप ऑफर’

आपके साथ ऐसा ज़रूर हुआ होगा जब ‘आप महफ़िल में बैठे और कुछ गाया हो. इसपर आपके दोस्तों ने कहा – यार तू तो अच्छा गाता है. प्रोफेशनली ट्राय क्यों नहीं करता’. तब आप सोच में पड़ जाते हैं ये कैसे मुमकिन होगा? क्या मेरी आवाज़ सच में अच्छी है? क्या मैं कभी प्रोफेशनली गा सकता हूँ? क्या इससे मैं पैसा भी कमा सकूंगा? इन सभी सवालों के जवाब हैं DTC के पास.

‘तुम बिन लागे न जिया’ उम्मीद के मुताबिक है: लक्की राज

लक्की राज ने रिकॉर्ड किया अपना पहला गाना “तुम बिन लागे न जिया”. सूफी बोल और बेहतरीन धुन से बंधा ये गाना दो प्यार करने वालों की बिछडन को बयाँ करता है. ‘तुम बिन लागे न जिया...करूँ कासे बतियाँ पिया’. जिस गहराई और रूहानियत से लक्की राज ने इसे गाया है वाकई में जितनी तारीफ की जाए कम है. 

Dollywood Talent Club में सुरों से सजा रहा मंच, “लक्की राज-डिंपल राजने माहौल को किया रोमांटिक

बीते सप्ताह 16 दिसम्बर की शाम सुरों का ऐसा आतंक छाया मानों एक साथ कई सारे सुरीले फनकार एक जगह पर जमा हो गये हों. अवसर था डीटीसी के मासिक कार्यक्रम “संगीत सफ़र” का. यह वही मंच है जिसका सृजन राज महाजन ने किया है. तेरहवें मासिक कार्यक्रम में हर उम्र के फनकारों ने अपने फन का जौहर दिखाया. तिलक खेड़ा, हैदर अली, मुकेश कुमार, राजन, मारूफ मिर्ज़ा, समीर श्रीवास्तव, आर.के.मिश्रा, योगेन्द्र खोखर, विष्णु देव, मितुल कौशिक, पवन महाजन, राजेश कुमार, रवि, रविकांत, महेश कुमार, गिरीश सिंह, विजय किशोर, विपिन शर्मा...सभी ने एक से बढ़कर एक गाने गाकर समां बाँध दिया. लेकिन खास आकर्षण रहे राज महाजन के सितारे लक्की राज और डिंपल राज. दोनों ही ने डायनामाइट परफॉरमेंस के दम पर ऑडियंस का खूब एंटरटेनमेंट किया. जहाँ लक्की राज ने अपनी मीठी आवाज़ का जादू बिखेरा, वहीँ डिंपल राज की परफॉरमेंस रही करारी-करारी. दोनों ने कई बेहतरीन गाने गाये. “बिल्लो रानी, मुकाबला, तीन पैग, दिल मेरा मुफ्त का जैसे गानों ने सभी को डांस फ्लोर पर आने को मजबूर कर दिया. इस मौके पर राज महाजन ने कहा, “सभी ने बहुत बेहतरीन परफॉर्म किया है. यहाँ कोई प्रतियोगिता नहीं है. बल्कि ये मंच आप लोगों का है...आप लोगों के लिए है...आप लोगों से है. लक्की राज और डिंपल राज ने बहुत ही उम्दा मनोरंजन किया. जल्द ही आप सभी इन दोनों के गाने रिलीज़ होने वाले हैं. जो चार्ट बस्टर पर रॉक करेंगे.”

UP के रामपुर से खोजी करिश्माई आवाज़, लक्की राज में छुपे हैं सुपरस्टार बनने के सभी गुण

6 साल की उम्र से ही अपनी मखमली आवाज़ से हर किसी को दीवाना बनाने वाले उभरते हुए सिंगर हैं लक्की राज. उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले 17 साल के लक्की ने उस्ताद सखावत हुसैन खां साहब से संगीत की परम्परागत शिक्षा ली है और आज भी उनकी शिक्षा जारी है. बहुत ही कम वक्त में लक्की ने अपनी मेहनत और लगन से अपने लिए एक खास मुकाम हासिल कर लिया है. 

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